आज फिर दिल कुछ अनमना
सा है.
मचल रहा है किसी अनजानी
सी चीज के लिए.
जब कभी भी तस्सवुर
को सांचे में ढालना चाह
कुछ अजीब सा ही नजर
आता है ढांचा उसका.
छोटे बच्चों सी हरकते
हो गई है मेरी
सच बोलता हूँ, जिद
करता हूँ, जिन्दगी जीना चाहता हूँ.
पर नहीं मै तो बड़ा
हो गया हूँ न
इन सब पे अब मेरा इख़्तियार
नहीं
तो सोच के बोलना जो
मेरी आदत नहीं
सम्हाल के हँसना जो
मेरी फितरत नहीं
कर रहा हूँ रस्म अद्य्गी
की तरह
दुआ मांगता हूँ की
कम से कम एक बार तो वो सुने
न पूरी जिन्दगी पर
कुछ लम्हे तो जी लेने दे.
Saturday, February 25, 2012
Wednesday, February 22, 2012
22-2-2012
आज फिर एक
तंग सुबह से
सामना हुआ
फिर सोचा क्यूँ
दोड़ती है दुनिया
इस तरह
क्यूँ कोई रुक
कर सोचता नहीं
कंहा पहुचना है कुछ
पता नहीं
बस आगे वाली
गाड़ी का बम्प्पर
ही रहा गया
है निगाह में.
उसके आगे न
दिखता है न
कोई देखना चाहता
कोई होर्न दे तो
स्पीड बड़ा दो
पित्ज़ा डेलिवेरी बॉय तो
क्या ambulance को भी
रास्ता न दो.
भाग के कंहा
पन्हुचोगे ये तो
पता कर लो
कल मजिल बदल
जायेगी.
कंही दुसरे ठिकाने के
लिए निकलोगे पर
फिर भी कुछ
नहीं बदलेगा
आज फिर एक
तंग सुबह से
सामना हुआ
फिर सोचा क्यूँ
दोड़ती है दुनिया
इस तरह
क्यूँ कोई रुक
कर सोचता नहीं
कंहा पहुचना है कुछ
पता नहीं
बस आगे वाली
गाड़ी का बम्प्पर
ही रहा गया
है निगाह में.
उसके आगे न
दिखता है न
कोई देखना चाहता
कोई होर्न दे तो
स्पीड बड़ा दो
पित्ज़ा डेलिवेरी बॉय तो
क्या ambulance को भी
रास्ता न दो.
भाग के कंहा
पन्हुचोगे ये तो
पता कर लो
कल मजिल बदल
जायेगी.
कंही दुसरे ठिकाने के
लिए निकलोगे पर
फिर भी कुछ
नहीं बदलेगा
22-2-2012
आज फिर एक
तंग सुबह से
सामना हुआ
फिर सोचा क्यूँ
दोड़ती है दुनिया
इस तरह
क्यूँ कोई रुक
कर सोचता नहीं
कंहा पहुचना है कुछ
पता नहीं
बस आगे वाली
गाड़ी का बम्प्पर
ही रहा गया
है निगाह में.
उसके आगे न
दिखता है न
कोई देखना चाहता
कोई होर्न दे तो
स्पीड बड़ा दो
पित्ज़ा डेलिवेरी बॉय तो
क्या ambulance को भी
रास्ता न दो.
भाग के कंहा
पन्हुचोगे ये तो
पता कर लो
कल मजिल बदल
जायेगी.
कंही दुसरे ठिकाने के
लिए निकलोगे पर
फिर भी कुछ
नहीं बदलेगा
आज फिर एक
तंग सुबह से
सामना हुआ
फिर सोचा क्यूँ
दोड़ती है दुनिया
इस तरह
क्यूँ कोई रुक
कर सोचता नहीं
कंहा पहुचना है कुछ
पता नहीं
बस आगे वाली
गाड़ी का बम्प्पर
ही रहा गया
है निगाह में.
उसके आगे न
दिखता है न
कोई देखना चाहता
कोई होर्न दे तो
स्पीड बड़ा दो
पित्ज़ा डेलिवेरी बॉय तो
क्या ambulance को भी
रास्ता न दो.
भाग के कंहा
पन्हुचोगे ये तो
पता कर लो
कल मजिल बदल
जायेगी.
कंही दुसरे ठिकाने के
लिए निकलोगे पर
फिर भी कुछ
नहीं बदलेगा
Subscribe to:
Posts (Atom)